; महिला

आज देश में जो कुछ भी हुआ, महिला के कारण ही।
*महान पंडित रावण  क्या अपनी बहन के कारण ही इतना दिग्भ्रमित व जलील नहीं
किया गया कि
आज उसका पुतला जलाया जाता है?
*गांधारी को क्या अपने अंधे पति की आंखें बनकर कंधे से कंधा मिलाकर नहीं चलना चाहिए
था?
क्या उसने तो आखों पर पट्टी बांधकर कर्तव्यों से मुंह नहीं मोड़ लिया?
*अगर युधिष्ठिर चाहते तो ये भी कह सकते थे कि द्रौपदी इंसान है चीज नहीं (चीज बांटने को कहा )।
*बंगाल की ताजातरीन….
*हरियाणा में स्त्री संकट का क्या मुख्य कारण घर की मुखिया सदस्य द्वारा कन्या भ्रूण को नष्ट करना….
महिला का एक अच्छा विमान चालक होना।
*और भी विश्व में घटनाएँ हैं
जो इस तरफ इंगित करती हैं
कि
एक महिला को तभी कंट्रोलर बनाना चाहिए जब वो अकेली हो व मशीन कंट्रोल करे वरना
भारत के उन राज्यों पर विचार कर सकते हैं, जहां महिलाएं शासन करती थीं या करती हैं।
पुरुष प्रधान संसार इनकी अधीनता स्वीकार नहीं करता है और तब तो बस….

अगर सही लगे तो शेयर अवश्य करें।

 

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4 thoughts on “; महिला”

  1. गांधारी को क्या अपने अंधे पति की आंखें बनकर कंधे से कंधा मिलाकर नहीं चलना चाहिए
    था?

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