महामारी में कूडे़वाला न आने पर क्या करें?

एक मिट्टी का पुराना घडा़ लें न हौ तो प्लास्टिक का ङिब्बा लें।उसमें एक मुट्ठी मिट्टी बुरक कर उमपर सब्जी,चाय की बची पत्ती व दाल के छिलके सब डालकर उसपर फिर मिट्टी छिड़ककर बंद कर दें।

पुराने ब्लाॅग देखें॰व औल कार्य सीखें व सब मुफ्त में उगायें।इसे अन्य दुनियावासियों के साथ साझा जरूर करें लव षबको घर में व्यस्त रथकर महामारी को फैसने से रोकें।

रोज यही करें।कभी थोड़ा सा पानी डाल दैं।पर बंद‌ रहने दें।गोबर मिले तो उसे भी इसी में मिला दें।पर बंद रहने दें।इसे धूप में कोने मेम रख दें।कुछ समय बाद आप देखेंगे,खीद बनकर तैयार है।अपनी क्यारी में डालें।आहारवेद।

महामारी के समय घर में बैठकर करने वाला काम:-

*यह घर का आंगन है।गुलाबी घर की चार‌दीवारी है।*हरा नीला नलकूप,बैगनी रंग का सोख्ता गड्ढ़ा।*दीवार के बाद1या आधा फुट बाद‌ 2 फुट की दूरी पर खुरपी से गड्ढे़ खोद खोदकर बडे़ बडे़ पेड़ लगाएं। *उसके अंदर नीचे बैगनी व गुलाबी टेढी़ पट्टी पर ,2ईंट की पंक्ति चलने के लिये बिना सीमेंट के बिछायें।*नीली पट्टी-कमरे व छोटे बैगनी पंक्ति पर शौचालय।*बीच की जगह पर सब्जियों के बीज छिड़कें।*खुरपी से क्यारी बनाएं।*कलौंजी, मैथी, धनियां ( साबुत मसाले ) छिड़कें व धैर्यपूर्वक पानी दें।*कुछ दिनों में मौसम के अनुसार सब उगने लगेंगे।आहारवेद।

*महामारी में आत्म रक्षा कैसे करें?

एक तो कोरोना महामारी,
ऊपर से गर्मी का का भी
होगा प्रकोप जारी।
फिर होगी बरसात भारी
बचने की कर लें पूरी तैयारी
घरों में रहें बंद
घर में बनाएं 1वर्ग फिट का छोटा सोख्ता गड्ढ़ा
बडे़ नीम,पीपल,आक लगाएं,
अमरूद,पपीता,अंजीर,नीबू मुसम्मी अनार,या कोई भी फल खाएं,
2-2फुट की दूरी पर,

बीजों को जमीन में गड्ढ़ा कर मिट्टी में दबाएं
पानी से सींचते रहें,
बरसात के मौसम या एक दो मौसम बाद पेड़ उग जायेंगे
4-5साल में फल आ जायेंगे।
फिर आप ताजी फल खायेंगे
एक तरफ सोख्ता गड्ढ़ा,
किनारे बडे़ पेड़।
बीच की जमीन में बीज छिड़क दें,प्याज,गाजर,मूली शलजम आदि के।
आंगन की दीवार पर चढ़ा दें॰सब्जियों की बेलें सारी।

सब्जियों के बीज भी छिड़क दें।
बीच में1ईंट की लंबाई का रास्ता बना दें।
*जब सब घर में उगाएंगे ,तो कोरोना विषाणु के संक्रमण से भी बच जाएंगे।
क्योंकि बहुत से लोग स्थिति की गंभीरता को नहीं समझ रहे हैं।
मास्क भी तब कुछ नहीं कर पायेगा,
अगर आप वायरस को निमंत्रण देने जायेंगे ।
*जो भी टहलेगा बाहर*
चुकानी पडेगी जिंदगी की कीमत भारी
कोरोना करेगा उसपर सवारी।
*
आज पूरा विश्व पर कोरोना विषाणु की तलवार लटक रही है।
यह एक छोटी कांटेदार गेंद जैसा॰है।
यह विदेश से छुपकर आने वालों के कारण फैल रहा है।
यह हवा में तैरकर दूसरे को यह संक्रमण देता है।
संक्रमण से बचने का बस एक उपाय है,घर से बाहर न निकलें।
अभी अगर आपने समय की गंभीरता नहीं समझी तो शायद आप समझने के लिये उदाहरण न बन जाएं।*आहारवेद।*

*कोरोना से बचाव के लिए प्रार्थना:-

**सच्चाई:-
*सच्चाई‌ यही है कि कोरोना वायरस आ चुका है।जो कभी मरता नहीं है।
*हर परिस्थिति में केवल उसको हराया जा सकता है,
*यह तभी हार सकता है,जब इसको नया मानव शरीर न मिले।
*जन्तुओं में तो यह रहता ही है पर वो हमेशा पृकृति के सम्पर्क में रहते हैं,और प्रतिरोधक क्षमता बहुत होती है।
और वो इससे प्रभावित नहीं होते हैं।
*इससे बचने के लिये बस घर से न निकल्ं।
*जनता की इच्छा
और
बाकी प्रभु इच्छा ।
जान है तो जहान है।
बाकी सब समझदार हैं।
*अगर किसी देश के प्रधानमंत्री हाथ जोड़कर, जनता से इतनी प्रार्थना कर रहे हैं तो क्या जनता को समझ नहीं आना चाहिए कि स्थिति काबू में नहीं है?
क्या जनता को घर में तब तक नहीं रहना चाहिए जबतक स् काबू में न हो जाए?

गरीब अन्न, पेंशनर ,किसान ,विधवा , कोरोना से युद्ध के लिए तैनात‌ समस्चत कर्मचारियों के ३माह‌तक धन,अन्न‌ मिलेगा।


*आहारवेद।