:-teela[History tales-1]:-

  #ये महाराजा विक्रमादित्य तो भारत की हिस्ट्री में हैं
व उनका न्याय भी बहुत फेमस है,

#एक गांव में एक टीला था।
#एक अजीब सी₹बात थी उस टीले में,
#जो उस पर बैठ जाता वो हर फैसला एकदम सही करता।

#वह टीला
गांव के बच्चों का खेलने का स्थान बन गया।
#वहाँ पर बैठने वाला बच्चा किसी भी गांव के टॉपिक पर अपने फैसले ऐसे देता जैसे कोई जज हो।
#सभी विलेजर्स उसकी तारीफ
करते थे।

#अब सभी आस पास के गांवों के फैसले भी वहीं होने लगे। 
#धीरे धीरे वह टीला मशहूर हो गया।
#कई साल बाद वहाँ खुदाई में एक सिंहासन निकला, ्
#उसमें 32परी थीं,
#रोज एक परी महाराजा विक्रमादित्य की एक कहानी सुनाती,
#32 वीं परी ने भी उनकी
सही जजमेंट की कहानी सुनाई,
#परउसके बाद वो सिंहासन   पता नहीं किधर गया। 

#कहते हैं कि 32वीं परी वो लेकर उड़ गयी। 

    ,,    SANGHARSH-91

Advertisements

+UP-Dish 2Besan:-

Things we use:-

3/4big spoon gram powder, 

slightly saur curd, 

4gilas of water

oil, maithi, 1tea  spoon termric powder, salt, red chilli powder

Things we cook:-

#take 2big spoon full(gram powder)called besan+some saur curd + 1water.and them properly with  mathani (wooden hand grinder). 

# 1 t  spoon oil in a pan+heat+

mathy8granules+heat  properly =after baking these granules become black.

#mix 1tspoon termric and solution of basan. +boil.+salt according to taste. 

 after 10minutes boiling,  

#it becomes ready. Hot Besan is useful and tasty with chhaunk of red chilli powder.( you can use 1 peace of garlic il it). 

#take 1 big spoon pure ghee +heat=hot ghee propperly. switch of the gas. 

#hot ghee+jeera 1 t spoon +heeng (a very little quantity only for smell)powder+red chilli powder 1 t spoon.  +1drop water.  and cover it with bowl. 

##serve hot Besan   in a bowl and garnish with a little spoon chhaunk. 

hot Besan is ready. 

                  SANGHARSH -90
 see blog -78, 49

  (RA-5)TULSI:-

, यह एक हर्ब है।ये कई टाइप से यूज़ की जाती है।

सुबह उठकर खाली पेट इसे खाने से

पथरी, जुकाम नहीं होता है। 

ग्रहण में हर खाने मे डालने से किरणों का बुरा प्रभाव नहीं पडता।

चाय बनाने पर भी इसे मैश करके मिक्स कर खौलाते हैं।
इसके बिना विष्णु की पूजा अधूरी होती है।

भारत में हर घर मेंआंगन में ईसकी पूजा होती है। 

ये बहुत प वित्रहोती है।
#हिन्दू
इसे तुलसीमाता कहते हैं

#देवठान पर भगवान् विष्णु के साथ शादी हो ती है।
#फिर शादियां शुरू हो
जाती हैं।
#इसे खाने से इंफैक्शन नहीं होता है।
घर में उगाने से मच्छर नहीं होते हैं। क्या ये अच्छी हर्ब लगी?

                SANGHARSH 89

SELF RESPECT:-

आदमी, अब इतना लालची हो गया है कि उसमें सेल्फ रैस्पैक्ट की तो बात ही नहीं है।
भारत में हम बैंगलुरु घूमने गये।
वहाँ पर हि न्दी भाषा, जो कि वहाँ के लोगों की मदरटंग है,
उसका अपमान वही करते हैं जोवहां के नेटिव हैं।
क्या उन्हें नहीं मालूम कि
हिन्दी उनकी मदरटंगहै?
वहाँ काहर नेटिव हिन्दी बोलने
पर आक्रामक हो जाता हैव
क्या भारत मे अगर हिन्दी बोलना एलाउ नहीं है?
क्या फिर भारतीयों को भारत में रहने भी
दिया जाएगा?
क्या भारतीयों को समझ नहीं आता है कि अगर वो अपनी भाषा को नहीं अपनाएंगे तो उन्हें कौन अपनाएगा?
अलग अलग स्टेट के लोग अगर अपने स्टेट मे दूसरे स्टेट के आदमी को नहीं आने देगा व पानी नहीं जाने देगा,
तो अगर बाहरी देश, उसके स्टेट पर अटैक करेंगे तो क्या अन्य
स्टेट उसका साथ देंगे?
क्या फिर हर कोई दूसरे स्टेट में शरणार्थी नहीं बन जाएगा?
क्या स्टेट अलग होने से हिन्दू , हिन्दू नहीं रहता है?
क्या फॉरेन की नागरिकता लेने के बाद भी भारतीयों को बाहर मारा व भगाया नहीं जाता है?
क्या फिर भी कोई फॉरेन जाकर सैटल होना चाहेगा?आज देश को एक राह मिली है,
क्या आप उस पर चलकर अपने देश का हित नहीं चाहेंगे?

                SANGHARSH 88

)समाज:-

#कभी सोचा है, कि ये समाज क्या है?
#कहते तो हर बात परसब यही हैं कि ये समाज क्या कहेगा?
#पर कभी सोचा है कि हम कि स समाज की बात कर रहे हैं,
# जो हमारी परेशानी पर हंसता है। हमने इतने समाज खडे कर दिए हैं कि देश टूट ने लगा है।
#कोई अपने को काछी, गहोई यहॉं तक कि उसमें भी, गुप्ता, गहोई, वैश्य अलग अलग।
#साहू में भी साहू व वैश्य अलग अलग समाज।

#सुपरविजन की इतनी इच्छा कि
एक कास्ट में भी अलग अलग ग्रुप बनाम समाज।
#हर वक्त दूसरे की बुराई, व समाज के नाम पर किटीपार्टी ,
वपार्टी के नाम पर चिटफंड।
#किटी के नाम पर अपने ही एक होटल में पार्टी अरेंज करना।
#25या 40मेम्बर्स की पार्टी।
#पर प्लेट कम से कम 250/-काटकर 10,000/-की अपने होटल की कमाई करना,
# कई किटीजॉइन करके व अपना जमा किया 2000भी निकालना ,
#अगर पर मेम्बर 2000/-जमा हुए तो।
#वजो किटी न करे उसे नीचा
दिखा ना।
#और कहना ये हमारा समाज है।
#क्या ये समाज है या गृह युद्धहै?
# इसमे इतने व्यस्त कि हमें पता तक नहीं कि देश में क्या हो रहा है?
#जागो और देखो कि भारतमाता  वपुकार रही है व देश भी।

#सब अपने प िर वार
को ही जॉब दे रहे हैं, फिर कहते हैं हम आपको ये देंगे ,
वो देंगे।
8नवम्बर को 500व1000/-नोटबंदी हुई पर कि सी ने गरीब को
दिया?
क्या हुआ जो जनता का धन कागज
हो जाए प उस र सरकार के व सेना केकाम कैसे आना चाहिए जो हमारी रक्षा करती है यही हर उस व्यापारी की सोच है।जो,

हिन्दी अपमानित होरही है,
वो भी हिन्दुओं के द्वारा ही।
अगर हम अपनी भाषा का अपमान करेंगे तो क्या कोई हमारा मान करेगा?
अगर सही लगे, तो शेयर करें व औरों को भी समझाएं।

           SANGHARSH 87

AVATAR:-

अवतार(आव+तारो)
भगवान् विष्णु व मां ने हर बार तब तब जन्म लिया ,कि सी
ऐसे रूप में जन्म लिया ,
जो सबसे अधिक तम पावरफुल है।
राम,कृष्ण,नानक, बुद्ध(शांति के संदेश वाहक, तब जब),
नृसिंह,(राजा) कच्छप(म द राचल पर्वत को उठाया)दुर्वासा(श्राप देकर भस्म करना),
परशुराम(21 बार पृथ्वी को
क्षत्रिय वि हीन करना) ,

, (दुर्गम राक्षस को मारना)दुर्गा, (रक्त बीज को मारना)काली,मत्स्य(प्रलय होने पर मनु के प रिवार को बचाना), जंगली वराह(भूमि ब्रह्मांड से ढूंढ कर लाना), मोहनी(अमृत
बांटना)आदि।
इन सबने ये दिखा या,
कि योग में पूरी दुनियाँ जीतने की ताकत है पर उसके साथ अक्ल भी जरूरी है।
हर अवतरण फुलप्रूफ था व वैल प्लैन्ड था।
अगर सब देशवासी एक हो जाएं तो क्या भारत का नक्शा नहीँ बदलसकते हैं?

                SANGHARSH 86

Wt is LIFE?

जब कोई जन्म लेता है।संघर्ष तभी शुरु हो जाता है व संघर्ष पर ही समाप्त । पर अपने दुश्मन से व अपने वातावरण से एडजस्ट करने का क्रम चालू हो जाताहै।
आज विश्व में ये ऐक बहुत बड़ा सवाल है।
आज पूरा विश्व युद्ध की कगार पर है।
ऐसे मे सवाल है कि कौन
सा देश किसके साथ है।
देश तो है ही ये सवाल भी है कि भारत केदे श वासी भी
क्या अपने देश के साथ हैं?
अगर आप अपने देश का साथ नहीं देंगे तो क्या कोई देश आपको अपने देश में रहने देगा?
फिर कहां जा एंगे?
आपकी फैमिली आपको क्या आपकोअपनाएगी कि भगाओ इसे, इसे हम नहीं पैसा दिखता था ।
वही कहानी तो नहीं हो जाएगी कहीं, डाकू अंगुलिमाल की सी।
उसे तो सप्तर्षि मिल गयेथे।।।।
अब प रिर्कर , प्रभु, मोदी,
संबित पात्रा, शाह नवाज हुसैन, व जनता सब तो कह रहे हैं, हम तिरंगे के साथ हैं।
अब तो सैनिक को शहीद होने
से रोको।
जागो भारत जागो।
कहीं भी रहोगे, कहीं की भी नागरिकता ले लोगे पर रहोगे भारतीय ही।
ये महाभारत का पर्याय तो नहीं।
जिसमें अंत में केवल
पांडव ही बचे थे। क्योंकि जनता तो दुर्योधन के साथ थी।
वो सेना का डर दिखा ताथा।
इसेशेयर करें।
. क्या आप सब मोदी के साथ हैं?

              SANGHARSH 85