राम की नीति💐

>राम भगवान हैं,
भूमि
ग गन
वायु
अम्बर
नीर
को संचालित करने वाले,
संचालक।
राम पर जो सवाल जनता द्वारा उठाए गए और आलोचना की गई, उस पर मेरा मत यह है
कि आज हमारे
राष्ट्र हिंदुस्तान के जो

सुधरे हालात हैं, वो राम के मर्यादा पुरुषोत्तम व भगवान् होने के कारण ही हैं। अगर राम स्वयं को भगवान् सिद्ध नहीं करते तो क्या कोई उनकी तरह मर्यादा
में रहना पसंद करता?….
नहीं।
और आने वाले शासकों ने उनकी मर्यादाओं को नहीं माना।

वो सब बहुपत्नी प्रथा का अनुसरण करते थेऔर इनकी
भी वही स्थिति थी जो मुगल शासकों की।
राम की आलोचना करते वक्त सब ये तो देखते हैं कि ऐसा किया पर क्यों, ये नहीं देखते हैं?।

वरना जिन राजाओं पर जनता इतराती है, देश को बरबाद करने में उन्हीं सबका हाथ है।
क्या हिंदुस्तान
के इतिहास में ,
राम के अलावा
कोई ऐसा समर्थ राजा है
जिसने
केवल एक पत्नी ही रखी हो
और उसी कसौटी पर खरा उतरा हो?
आज पडोसी देशके ये हालात बहु पत्नी प्रथा के कारण ही हैं।किसी भी पत्नी और बच्चों को हर वक्त एक ही ध्यान , कि पता नहीं कब बाप छोड़ दे।जब बाप भी अपना न हो, तो जंगल जंगल
भटकना ही पड़ता है
और जरूरी नहीं है कि सबमें राम की तरह
धैर्य व मर्यादा की लगन हो। 

अगर तर्क सही लगे तो शेयर अवश्य करें। 

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    4 thoughts on “राम की नीति💐”

      1. पता नहीं कोई भगवान में कानूनी कैसे निकालता है, स्वयं कुछ न कर पाए फिर भी।
        पसंद करने के लिए धन्यवाद।

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