About land slide:-

क्या आप जाना
नहीं चाहते हैं कि लैंड स्लाइड क्यों होते हैं?
धरती में बहुत से सब्सटैन्सेज़ हैं। ये ठोस , द्रव व गैस हर फॉर्म में हैं।
कोयला हीरा पन्ना नीलम सोना चांदी कॉपर पीतल आयरन टंग्सटन रेडियो एक्टिव जिंक मैंघनीज़ सल्फर पारा कोल पेट्रोल कैरोसिन व अन्य सब।
पनी व पेड़ पौधे भी वहम सब भी इसी पर पलते हैं।
हरेक का मैल्टिंग व बॉयलिंग पॉइंट अलग अलग हैं। टैम्परेचर के हिसाब से ये सॉफ्ट व हार्ड होते हैं।
अब अगर कोई मिट्टी के ऐसे
ढेर पर बड़े बड़े एपार्टमेंट्स बनाएगा तो क्या वो अंदर धसक नहीं जाएगा?????
साइड की बाहर की लैंड क्य गिर नहीं पडेगी?????
शायद न्यूज में, कुछ साल पहलेसुना भी होगा कि
एक देश जो पॉपुलेशन में नं1है, का एक शहर जो पहाड़ पर बसा था, जमींदोज हो गया।
यही सुनामी आने का कारण भी है।
उसके आसपास के ओशन में सुनामी कुछ समपहले
भी आ सकती है व

बाद में भी।
अर्थ पर बहुत ज्यादा भार पडता है तो लैंड प्लेट एक बहुत तेज दबाव से सागर में उछल जाती है।

सबसे ज्यादा भार कंक्रीट के जंगलों का पडता है
अमीर शान में बस बनवाता जाता है, दुष्परिणामों के बारे मरने नहीं सोचता है।
यही लोग सभ्यता के समापन का प्रारंभ कर देते हैं
फिर अगला युग फॉसिल्स की
तरह जमीन खोद खोदकर निकालता है।
शायद
सृष्टि फिर से रची जाती है।
SANGHARSH-142

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DHARTI MAA:-

हम भारतीय भूमि को भी मां कहते हैं। ये वो है जिस पर हम टिके हुए हैं वरना ये हमें अपने गुरुत्वाकर्षण से न खींचे तो क्या हम हवा में फ्रीली फ्लाई नहीं करेंगे?
हममां तो इसे भीकहते हैं पर कभीइसपर बागबानी की। इसके संपर्क में रहने वाले एनीमल्स क्या बिना रजाई के ठंड में मर जाते हैं???????

इधर उधर घूमते एनीमल्स क्या कभी मरते सुने हैं हां इंसान भी उसी मिट्टी का बना है पर वो मौसमकी मौर को क्यों नहीं झेल पाता है????
क्या तभी शायद धरती कोमाता कहा गया है???????
खुले आकाश के नीचे भी कभी कोई….
जब ये धरती आग उगलती है समर में, आदमी मरने लगता है,
तब,
ये एनीमल्स जिनके पास
एसी,कूलर, फैन नहीं हैं न ही घर ये फिर भी जीवन संघर्ष मे बचते हैं।
क्या ऐसा नहीं लगता है कि इंसान सब सीख गया पर नेचर से एडजस्ट नहीं कर पाया?????
राम 14साल जंगलों में भटके,
क्या रजाई या कूलर एसी ले गये थे????
कभी राम, पांडव के रहन सहन पर विचार करें कि उनका भोजन क्या था????
जंगली फल फूल व जमीन पर सोना,
क्या ये धरती माता की गोद नहीं है?????
तो क्या हमें धरती का रख रखाव ऐसे नहीं करना चाहिए जैसे कोई मां हो??????
क्या ऐसे पदार्थ का कम से कम उपयोग नहीं करना चाहिए जो डिकंपोज़ न हो सकें??????
क्या हमें वेस्ट वैज से कंपोस्ट खाद बनाना , सुलभ शौचालय से खाद बनाना व गाय पालन द्वारा ा धरती को फर्टाइल व हरा भरा नहीं बनाना चाहिए??????
अपने व्यूज़ दें—–

            SANGHARSH-141

MAA:-

कितना छोटा-सा शब्द पर किसी को तभी मां नहीं कहना
चाहिए जब आप उसके अर्थ को समझें?
शैल की फैमिली वाले अच्छा खात पीते थे।
घी मिल्क बटर सब शुद्ध गाय
का,
श्यामा,गौरी,काली, श्वेता गायों के नाम थे,
शहर से लगा गांव था,
बेटा स्कूल में टीचर था। अचानक पता लगा गौरी सड़क पर तड़प रही है,
घर खबर की गई,
डॉ ने बताया,
पॉलीथीन निगल गयी है,
ये क्या, वो तो गौरी को मां कहते हैं, क्या मां को पॉलीथीन…….
क्या उसे बिना खाने केरोड पर
छोड़……?
क्या फिर अपने बच्चों से अच्छे व्यवहार की अपेक्षा…..?
क्या वोभी तो आपके बच्चों के लिए अपने बच्चों को भूखा नहीं…..?
सड़क पर कभी कूड़ा खाती किसी गाय के दर्द को…..
क्या आप जमीन पर गिरी वस्तु उठाकर……,?
फिर क्या आपका ऐसा करना उचित है?
आप इसको समस्त गायमाताओं की ओर से एक नि वेदन भी
समझ सकते हैं।
बताएं कि
क्या आप अपनी मां को या खुद को इस हाल में देखना पसंद करेंगे????????
SANGHARSH-140

 About MAA:-

एनी की मैरिज एक NRI से
हुईं।
पढी होने के कारण जॉब भी आसानी से मिल गया।
बेबी हुआ,
आया रख ली गई,
कई साल यही होता रहा,
जाते समय आया के पास सोता छोड जाती,
आते समय भी बेबी सोत मिलता था।
तरक्की हुई।
एक दिन अचानक आया को 1वीक की छुट्टी लेनी पडी।
तब पता लगा कि बेबी तो आया को ही मां समझता है।
मां को तो उसने देखा ही नहीं , वो तो उसने खाना पानी सब छोड दिया।
ऐसी मां को जब पहचानेगा नहीं, तो ओल्ड एज में क्या,
वो भी अपनी मां को ऐसे ही हैल्पलैस नहीं छोड़ देगा
जिसने बचपन में उसे अननोन हाथों में अपना स्टेटस मेंटेन करने के लिए छोड दिया था।

वो तो एकदम असहाय था
मां तो अनुभवी है,
फिर क्या वो उसे ओल्ड एज होम में नहीं छोड़ देगा?
बताएं कि क्याये लाइफ
स्टाइल अच्छी व सही है?

                 SANGHARSH-139

BHARTIYHISTORYTALES-13 KNOW about, EVERY ONE’S intention :-

एक बार एक कसाईने अचानक 7ट्रैवलर्स को पकड लिया, 

जोअपनी योग पावर से गैलेक्सी में वॉक करते थे। 

सबको पेड़ से बांध दिया।
वो गडासासे काटने जा रहाथातो, उन्होने पूछा, क्यों मार रहे हो?
उसने कहा, फैमिली कापेट. भरनेके लिए।ये पाप हैइसकाफल अकेले तुम्हे मिलेगा।
कसाई ने कहा, कि सब इस पखप के पार्टनर हैं।
7ट्रैवलर्स ने पूछकर आने कोकहा, वोघर से पूछकर आया,
उसने कहा कि ये पाप तुम करते हो,
इसका फल तुम्हे मिलेगा हमें नहीं,
हम ये पाप नहीं कर रहे हैं।
तुम कोई और काम भीकर सकत हो,
उसने सबको खोल दिया।
उसे अफसोस हुआ।
उसने प्रायश्चित का तरीका पूछा,
उससे राम नाम का जाप करने को कहा।पर वो अनपढ़ था
वह हमेशा वो मारा चिल्ला ता था।
उसे मरा मरा का जाप करने को कहा, वकहा,
एक दिन राम मिलें गे।
वह बैठ गया जप करने के लिए।उसपर चींटियों ने घर() बालमीकि बना लीयि।
सालों बाद राम वहाँ से गुजरे।
उस छोटेसेपहाडी के ढेर से आवाज सुनकर राम ने मिट्टी हटाई।
बताया कि मैं राम,
तुम कौन हो?
उसने राम के पैर पकड़ लिये।
राम सीताजी को रावण से छुड़ाकर घर लौट रहे थे।
उसने वहीं पास में एक आश्रम बना लिया।
वो क्रूर आज महर्षि बाल्मीकि के नाम से जाना जाता है।
राम नाम में मेडिटेशन से उसकी उम्र बढ गयी?
ये योग पावर व हिस्ट्री
टेल्स भी है।
ये ही तो फैमिली की
इंटैन्शन थी
जो जैसा कर्म करेगा
फल उसको वैसा ही मिले गा।
इन्होंने राम की पूरी जीवनी लिखी, जो अक्षरश: सत्य है
पर लोग तुलसी दास कृत ही पढते हैँ। शायद ये एक डाकू
द्वारा लिखी गई है   SANGHARSH-138

BHARTIYHISTORYTALES-12 A, GREATEST PALMIST:-

क्या आप जानना नहीं चाहते हैं कि कौन हैमहान तारा गणान्वेषी? 
महाभारत काल में
पांडव के बेटे अर्जुन की जयद्रथ
से शत्रुता थी।
दोनों जानीदुश्मन थे।एक दूसरे को मारना चाहते थे।
कृष्ण पांडव की ओर थे व लाखों करोड़ों सेना कौरवों की ओर।
अर्जुन नेकसम खाई कि मैं जयद्रथ को अगर सूरज ढलने से पहले मार नहीं पाया
तो मैं चिता लगाकर मर जाऊँगा।
कृष्ण नेकहा, एनाउंस उसी दिन तक का करना, जो मैं कहूँ।
कृष्ण ने दिन बता दिया,
अर्जुन ने एनाउंस कर दिया।
उसमें अभी कई दिन थे।

अब नैक्स्ट में—–
SANGHARSH-137

ABOUT HISTORY:-

पता नहीं पर ये हिस्ट्री हमनें भारत के गांवों में खद घूमकर देखा है।
पता नहीं किसी को ये
सच न भी लगे पर मेरे लिये
यही सच है व
उस हिस्ट्री से कहीं ज्यादा अच्छा है
जिसमें हमें केवल यही
बताया गया कि
तैमूर लंग, गजनवी तथा अन्य सबने भारत पर केवल अटैक किये।
हमारे भारत में कृष्ण के महल गांवों के चिन्ह अभी भी हैं
जो हमें ये अहसास दिलाते हैं कि कोई तो है
जिसने कहा, मुझे अपना दोस्त मान।
हर बात मुझसे कह।
किसी को उपदेश न देकर अपना कर्म कर।
मुझे किसी कर्म की जरूरत नहीं है,
पर फिर भी मैं कर्म करता हूं। क्योंकि मैं जो करूँगा
तो सब वही अनुसरण करेंगे।
इसीलिये
मैं कर्म करता हूं।
लोगों को सुधारने की दृष्टि से मुझे कर्म करना ही पडेगा।
बिना कर्म के तो शरीर भी निर्वाह नहीं होता है।
सामान्य जन को एजुकेशन देने की दृष्टि से कर्म कर।
अपने व्यूज़ दें।

SANGHARSH-136