वक्रतुण्ड महाकाय सूर्यकोटि समप्रभ:,
निर्विघ्न म्
कुरु मे देव सर्व कार्येषु सर्वदा।।

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WiSeST LORD GANESH:

एक बार सभी देवों में ये तय नहीं हो पा रहाथा कि
सबसे बड़ा कौन सा देवता है????

त य हुआ,
जो दुनियां के चक्कर

सबसे पहले लगाएगा, वो सबसे बड़ा देवता होगा।
सब अपने अपनेरथ पर तैयार।
विष्णु गरुड़ पर,
लक्ष्मी उल्लू पर,
शिव न न्दी पर,
मां शेर पर,
ब्रह्मा व ब्रह्माणी हंस पर,
कार्तिकेय मोर पर,
गणेशजी चूहे पर।
जो अन्य देव हैं वो भी आए।
रेस शुरु हुई।
गणेशजी ने शंकर पार्वती को बुलाकर एक ऊँ चे आसन पर बैठाया।
व उनके सात चक्कर काटे।
सब देख रहे थे।
सबने विरोध किया।
गणेशजी से पूछा।
गणेशजी ने कहा,
मैं तो छोटा-सा बालक हूँ, एक बच्चे की पूरी दुनियां उसके
मां बाप के चारों ओर होती है।
कहो तो पुराण में भी दिखा दूँ।
मैंने तो अपनी दुनियां के एक नहीं सात चक्कर लगाये हैँ
वो भी सबसे पहले।
तभी से गणेशजी( सबसे बडे) महादेव बन गये।
बुद्धि से रेस जीती, सही कॉज़ व प्रूफ के साथ, इसीलिए
तो बुद्धि के देवता भी हैँ ।।।।।।

मां:

मां को हम अष्टभुजा धारी रुप में पूजते हैँ। शिव, ब्रह्मा, विष्णु, महेश्वर रूद्र, हर, संसार वैद्य, सर्वेश्वर।।।।।
ये तीनों महाशक्तियों के रूप हैं।

© [Reena Kulshreshtha] and [glimpseandmuchmore.wordpress. com], [2017].