प्राकृतिक आपदा

आज 7 अप्रेल,2017, 

  जम्मू-कश्मीर में बर्फबारी व बाढ।

 ये सब ग्लोबल वार्मिंग के कारण है। प्रदूषण ने हर जगह अपने पांव पसार दिये हैं। 

 कहीं गैस प्रदूषण,
कहीं जल प्रदूषण,
कहीं ह थियारों से होने वाला प्रदूषण,
कहीं नाभिकीय प्रदूषण,
कहीं शोर कसे होने वाला ध्वनि प्रदूषण।
चाहे कैसा भी प्रदूषण हो, ऊर्जा तो निकलती ही है।
ये इतनी अधिक मात्रा में होती है कि पहाड़ के
पहाड़ पिघलने लगते हैं।
बस न दि यों
में जलस्तर एकदम बढ जाता है व मौसम
बदलकर तूफानी हो जाता है।
इससे बाढ़
आ जाती है।
इससे भूस्खलन (जमीन सरक जाती)औरहिम स्खलन (बर्फ)  हो जाता है।
अब इससे
बचाव तभी हो सकता है, जब
प्रदूषण इलैक्ट्रानिक उपकरण,  वातावरण को अनुकूल करने वाले उपकरणों का निर्माण कम करना होगा।
फ्रिज ज, व डीजल से
चलने वाले वाहन कम होंगे।
इसके लिये सबको जागरुक होना होगा।

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