HOME#23

  • । ठंड के मौसम में समझ आता है कि घर कितना जरूरी है। 
  • केवल मानव नहीं समस्त प्राणी जात के लिए घर की आवश्यकता है। 
  • केवल कुछ प्राणी ऐसे हैं जो अपना घर बनाते हैं। 
  • बया खग अपना घोंसला  लार से चिपका चिपकाकर बनाती है। 
  • ये एक छोटी सुराही, जिसमें गुप्त आपातकालीन दरवाजा भी होता है। 
  • शेर गुफा में रहते हैं। 
  • कठफोड़वा तने के खोखल में व सांप चूहे व चींटी बिल में। 
  • घर हमेशा छोटा बनाना चाहिए। 
  • इसलिए हमैं घर इतना बडा बनाना चाहिए कि सब  घर के सदस्य व पक्षी वहाँ रह सकें। 
  • जिससे सब बाहरभी रहने जाएं तो खाली न नजर आए।
  • बड़ा घर तो यादों का एक खंडहर नजर आता है।
  • पीढ़ियाँ गुजर जाती है,
  • अगर नयी पौध बाहर हो तो


खामोशियों का समंदर बिखर

 जाता है। 

  • पहले जाते थे घर तो चाची ताई का शोर नजर आता था,
  • अब तो  कुछ बुजुर्ग गये,
  • खामोशियों से वहां रहने वालों का भी कहीं भाग जाने का मन हो आता है। 
  • मकान इतना होकि घर लगे.
  • ऐसा न हो कि यादों का समंदर लगे।
  • घर तो आखिर अपनों से ही बनता है।

बाहर जाने में क्या रखा है?  

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