MEMBER OF MY HOME:

,, उसने अपनी भाषा में बहुत कहा,
पर हम समझ नहीं पाए।फिर अचानक शांति ।

आप सबने इसके चित्र देखें होंगे। 
अचानक वो नीचे से उडते हुए दिखा।
मेरे प-ति ने आवाज दी।

कोई उत्तर नहीं।
वो सडक पर दौडते हुए गये।
वहाँ वो जमीन पर बैठा था।

उसे गोद में उठाकर पूछा,
पता लगा वो खम्भे से टकराकर गिर गया।
उसे चौकीदार ने वहीं बैठा लिया।
उसे शायद सर में टकराकर गिरने से चक्कर आ रहे थे।
घर लाएप्यार किया।
उसे डांट पडी।
वो सॉरी है इसलिये वोकुछ बोला नहीं ।
चुपचाप नीचे देखता रहा।
असल में मेरा मीट्ठू बहुत शैतानी करता है।
खाना कटोरी में व ताजी हो,पेपर का कालीन हो,केक पसंद है।एक बड़ा सा आधा लीटर पानी भरकर रख दो, तब नहाता है।एक एक बाल चोंच से दांत साफ करता है।
मिर्च नहीं चॉकलेट खाता है। उसके बाद पानी पीकर बाकी पानी फैलादेना।
रात के खाने के बाद अंदर कमरे में पिंजरा रख कर ढक दो।
प्रकाश बंद व दूरदर्शन की आवाज कम करो।
दोपहर खाने के बाद,
झरोखे बंद करो।
मीट्ठू का आराम का समय है।
इतनी शाही तबीयत का मेरा पैरैट,
सुबह टहलने के लिये ,
जाने के रोशनी नहीं हो अंधेरे में ही तैयार हो,नहीं तो बड़बड़ाने लगता है।
हमने कहा कि लडते नहीं हैं
तो घर छोडकर गेट खोलकर उड़ गया।
पर बाहर जाकर समझ आ गया कि बाहर रहना आसान नहीं है।।
आज वो चुप है।
पता नही, पर शायद उसेअफसोस है 

कि वो बाहर उडा, अगर कोई
कुत्ता या आदमी दावत उडा—-

वैसै वो हमेशा घर में बाहर आना पसंद नहीं करता।
एलबम में देखा होगा कि वो कैसे केज को अपना घर समझता है….व अपना बर्तन भी अपने केज में ले जाता है।
पता नहीं पढने पर सब क्या सोचें, पर क्या शायद यही है छठी ईंद्री, जो शायद आदमी को छोड अन्य सब में है???????
© [Reena Kulshreshtha] and [glimpseandmuchmore.wordpress. com], [2017].

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