ROYAL

एक दिन हम बहुत परेशान व अकेले थे।

पूजा करने जा रहे थे तो भगवान् से कहा,सब पढने गये, हम अकेले हैं। जिससे हम बात करलेते, कोई तो
होता,।

 उठकर दरवाजा बंद करने आए तो देखा, एक तोते का बच्चा दरवाजे पर बैठा है।

 उसे उठालाए व मेज पर बैठाकर पूजा करने लगे।वोकहीं गया ही नहीं, रात में डोलची से ढक कर सुलाया। 

चार पांच दिन बाद
जब देखा कि उसके पंख कटे हैं, वो उड़ नहीं सकता है तो पिंजरा ले आए।
अब तो मिटठू पंडित हैं।
बिना मुंह साफ करे व पिंजरा साफ करे मुंह में कौर नहीं रखता है। 

कोई सफेद चीज ेतो अंडा समझकर
पूरे पिंजरे में कुल्ला करकर गीलाकर देता है।
मिर्च तो हाथ भी नहीं लगाता है। चॉकलेट पसंद है। 

सुबह सोने के समय पर्दे लगाओ, खाना खाकर पानी लुढकाता है दो।सर्दी के मौसम में पनी होना चाहिए पर बर्तन पर चोंच मारकर सूखा स्नान कर लेता है।

 रात में खाना खाकर अंदर कमरे में समय पर ही पेंजरा ले जाओ, तभी सोता है
लाइट बंद करो, मिट्ठू साहब
के सोने का समय है।
कोई बोले न व लाइट न जलाए। कागज लगाकर कटोरी में खाना दो।
अगर गिर जाए तो साहब भोजन नहीं करते हैं।दूरदर्शन पर चर्चा को सामने बैठकर सुनना व लगातार बोलना।
कोई सामने खडा हो जाए तो आफत।
बडबड बडबड व किर्र किर्र। अगर कहीं जाओ तो बताकर,। एक इंच की रोटी अलग से बनती है।इतने नखरे तो हमारे बच्चों के भी नहीं हैं।
जब मजदूरों के बच्चे पढते हैं तो लगातार कागज को बोलते हुऐ

 फाडना।
सोने के लिए स्टैंड व स्नान को बाथ टब।इसकी फोटो हमने अन्य पुराने साल के ब्लाग पर दी हैं।

© [Reena Kulshreshtha] and [glimpseandmuchmore.wordpress. com], [2017].

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