BANYAN:-

क्या बस यही इसकी पहचान है?
इतने रूड सीजन में भी अपने को बनाए रखना क्या छोटी बात है?
क्या ये एक फैमिली नहीं है?
जहाँ हर तरह के बर्ड्स,
रहते हैं।
सब सुबहकाम पर निक ल
जाते हैं व
शाम कोएक साथ घर आते हैं।
बातें करते हुए सो जाते हैं।
कहते हैं,
बरगद का बोंसाई लगाओ, उम्र बढती है।
पर किसी ने देखा किवो

रात भर , हर सीजन खडा रहता है। ठंड में कांपता नहीं, गर्मी में जलता नहीं,
उसका पता पूछो, तो हर कोई कहता है, मेरे परदादा से पूछो।
वोकहते थे मेरे दादा इसके नीचे दोपहर में सोया करते थे। 

वहींदादीघर के काम, मांआंगन में कोने में बरगद की छाँव में खाना बनाती थीं।
##मेरे बाबा(दादा )ने भी जब घर बनवाया सन 1952था तब।

वहाँ एक पीपल ट्री तब भी वैसे ही खड़ा था जैसे अब है।
हर बा काली आंधी-तूफान, पीली आंधी-तूफान आते।
सब पेड टूट जाते।
आज भी एक पीपल(150साल) ही है जो
अटल है।
एक गुलमोहर भी है, वो भी कम से कम 75साल से ज्यादा का ही है,
पर वो टूटकर फिर ग्रोथ कर जाता है।
क्या ये हमें ये तो नहीं बताते हैं कि अटल रहो???????

                     S-178

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