SELF RESPECT:-

आदमी, अब इतना लालची हो गया है कि उसमें सेल्फ रैस्पैक्ट की तो बात ही नहीं है।
भारत में हम बैंगलुरु घूमने गये।
वहाँ पर हि न्दी भाषा, जो कि वहाँ के लोगों की मदरटंग है,
उसका अपमान वही करते हैं जोवहां के नेटिव हैं।
क्या उन्हें नहीं मालूम कि
हिन्दी उनकी मदरटंगहै?
वहाँ काहर नेटिव हिन्दी बोलने
पर आक्रामक हो जाता हैव
क्या भारत मे अगर हिन्दी बोलना एलाउ नहीं है?
क्या फिर भारतीयों को भारत में रहने भी
दिया जाएगा?
क्या भारतीयों को समझ नहीं आता है कि अगर वो अपनी भाषा को नहीं अपनाएंगे तो उन्हें कौन अपनाएगा?
अलग अलग स्टेट के लोग अगर अपने स्टेट मे दूसरे स्टेट के आदमी को नहीं आने देगा व पानी नहीं जाने देगा,
तो अगर बाहरी देश, उसके स्टेट पर अटैक करेंगे तो क्या अन्य
स्टेट उसका साथ देंगे?
क्या फिर हर कोई दूसरे स्टेट में शरणार्थी नहीं बन जाएगा?
क्या स्टेट अलग होने से हिन्दू , हिन्दू नहीं रहता है?
क्या फॉरेन की नागरिकता लेने के बाद भी भारतीयों को बाहर मारा व भगाया नहीं जाता है?
क्या फिर भी कोई फॉरेन जाकर सैटल होना चाहेगा?आज देश को एक राह मिली है,
क्या आप उस पर चलकर अपने देश का हित नहीं चाहेंगे?

                SANGHARSH 88

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