T -(KY )KARM YOG:-

GOD KRISHN says:——-

अध्याय -3
श्रेयान्स्वधर्मो विगुण: परधर्मात्स्वनुष्ठितात्।
स्वधर्मे निधनं श्रेय:परधर्मो
भयावह:।। (35)
अपने नियत कर्मों को करना वकरते हुए मरना अच्छा है।
दूसरे के पथ का अनुसरण भयावह होता है।
अपने रोज के काम किये बिना तो शरीर भी नहीं चलता है। इसीलिये अपने काम करो,
किसी की नकल नहीं करो। किसी की नकल की तोअकल नहीं लगती।
आज देश का समस्त वर्ग इसी से परेशान है।कभी नहीं सोचा कि
अगर हम खुद बनी चीजें लेंगे तो हमें धन की कमी नहीं होगी।
अगर अपने देश में काम करेंगे तो विदेश में बेचकर भी धन बना सकते हैं।
हर देश बाहरी देशों के लोगों को भगा रहा है, भारतीय को भी तबभी समझ नहीं आता क्या?ये अगर सब सम़झ सकें तो——

              SANGHARSH 81

Advertisements

Leave a Reply

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out / Change )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out / Change )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out / Change )

Google+ photo

You are commenting using your Google+ account. Log Out / Change )

Connecting to %s